पवित्र गीता अध्याय 16 श्लोक 23-24 में गीता ज्ञान दाता कहता है कि जो मनुष्य शास्त्र विधि त्याग कर मनमाना आचरण करते हैं वे न तो सुख को प्राप्त करते हैं न परमगति को तथा न ही सिद्धि को । अर्थात् जीवन व्यर्थ कर जाते हैं।
#Real_Facts_About_Buddhism महात्मा बुद्ध को संपूर्ण आध्यात्मिक ज्ञान नहीं था जिसके कारण उन्होंने मान लिया था कि भगवान नहीं है और वो नास्तिक हो गए। To know, read sacred Book Gyan Ganga