satlok

#Satlok#earth #earthdayकाल लोक/पृथ्वी लोक में चींटी से लेकर हाथी तक, रंक से लेकर राजा तक कोई सुखी नहीं है।
सतलोक एकमात्र ऐसा स्थान है जहां राग द्वेष नहीं हैं। जहां किसी वस्तु का अभाव नहीं। जहां सभी प्यार से रहते हैं। जहां बारह मास बंसत रहता है।

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