काल लोक/पृथ्वी लोक एक कैद खाना है। जहाँ पर 21 ब्रह्मांड का स्वामी ज्योति निरंजन काल/ब्रह्म आत्माओं को दुःखी करने के लिए 84 लाख योनियों में उत्पन्न करता है।
जबकि सतलोक परमेश्वर कविर्देव (कबीर साहेब) का लोक है जो अजर अमर अविनाशी लोक है। जहाँ 84 लाख योनियों का कष्ट नहीं है।
#Real_Facts_About_Buddhism महात्मा बुद्ध को संपूर्ण आध्यात्मिक ज्ञान नहीं था जिसके कारण उन्होंने मान लिया था कि भगवान नहीं है और वो नास्तिक हो गए। To know, read sacred Book Gyan Ganga