#श्राद्ध_क्यों_नहीं_करनाचाहिए
#श्राद्ध_क्यों_नहीं_करनाचाहिए
तत्वदर्शी संत (गीता अ-4 श्लोक-34) से दीक्षा लेकर शास्त्रविधि अनुसार सतभक्ति करने वाले परमधाम सतलोक को प्राप्त होते हैं जहाँ जन्म-मरण, दुख, कष्ट व रोग नहीं होता है। visit Karen satlok aashram YouTube channel per