#श्राद्ध_शास्त्रविरुद्ध_साधनाभूत पूजा तथा पितर पूजा क्या है? इन पूजाओं के निषेध का प्रमाण पवित्र गीता शास्त्र के अध्याय 9 श्लोक 25 में लिखा है जो आप जी को पहले वणर्न कर दिया है कि भूत पूजा करने वाले भूत बनकर भूतों के समूह में मृत्यु उपरांत चले जाऐंगे। पितर पूजा करने वाले पितर लोक में पितर योनि प्राप्त करके पितरों के पास चले जाऐंगे। #जबकि मोक्ष प्राप्त प्राणी सदा के लिए जन्म-मरण से मुक्त हो जाता है।

🥏पितरों का उद्धार कैसे संभव है?🥏

हिंदू समाज में श्राद्ध को बहुत महत्व दिया जाता है l पंडित जन बताते हैं कि मरने के बाद तेरहवीं, पितर पूजा, छःमाही, पिंड भरवाना, श्राद्ध आदि करने से उस आत्मा की गति हो जाती है l 
जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है अगर श्राद्ध करने से आत्मा की गति हो जाये तो उसी आत्मा के लिए हर साल श्राद्ध क्यों किए जाते हैं l

श्राद्ध करना मनमाना आचरण है जो पवित्र गीता जी के अध्याय 16 के श्लोक 23 में लिखा है कि अर्जुन जो पुरुष शास्त्रों को त्याग कर अपनी इच्छा से मनमाना आचरण करते हैं उनको सुख शांति सिद्धि परम गति कुछ भी प्राप्त नहीं होता अर्थात व्यर्थ है l

 मार्कण्डेय पुराण (गीता प्रेस गोरखपुर से प्रकाशित पेज 237 पर है, जिसमें मार्कण्डेय पुराण तथा ब्रह्म पुराणांक एक साथ जिल्द किया है) में भी श्राद्ध के विषय मे एक कथा का वर्णन मिलता है जिसमे एक रुची नाम का ब्रह्मचारी साधक वेदों के अनुसार साधना कर रहा था। वह जब 40 वर्ष का हुआ तब उसे अपने चार पूर्वज जो मनमाना आचरण व शास्त्र विरुद्ध साधना करके पितर बने हुए थे तथा कष्ट भोग रहे थे, वे दिखाई दिए। पितरों ने उससे श्राद्ध की इच्छा जताई।

इस पर रूची ऋषि बोले कि वेद में क्रिया या कर्म काण्ड मार्ग (श्राद्ध, पिण्ड भरवाना आदि) को मूर्खों की साधना कहा है। फिर आप मुझे क्यों उस गलत (शास्त्रविधि रहित) रास्ते पर लगा रहे हो। इस पर पितरों ने कहा कि बेटा आपकी बात सत्य है कि वेदों में पितर पूजा, भूत पूजा के साथ साथ देवी देवताओं की पूजा को भी अविद्या की संज्ञा दी है। फिर भी पितरों ने रूचि ऋषि को विवश किया एवं विवाह करने के उपरांत श्राद्ध के लिए प्रेरित करके उसकी भक्ति का सर्वनाश किया।

पवित्र गीता जी अध्याय 9 श्लोक 25 में स्पष्ट लिखा है कि भूतों को पूजने वाले भूतों को प्राप्त होते हैं और पितरों को पूजने वाले पितरों को प्राप्त होते हैं l

विचार करें अगर हम भूतों को पूजेंगे तो भूतों में चले जाएंगे पितरों को पूजेंगे तो पितृलोक में चले जाएंगे l

हमारे ग्रंथों में स्पष्ट लिखा है कि श्राद्ध करना गलत है लेकिन फिर भी नकली धर्म गुरुओं और पंडितों द्वारा भोली जनता को गुमराह करके ग्रंथों की सच्चाई ना बता कर उनसे श्राद्ध करवा रहे हैं l
कबीर परमेश्वर जी कहते हैं 

गुरुओं गांव बिगाड़े संतो, गुरुओं गांव बिगाड़े l
ऐसे कर्म जीव के ला दिए बहुर झड़े ना झाड़े ll

संसार में नकली गुरुओं की बाढ़ सी आई हुई है इसलिए आप सभी से निवेदन है नकली गुरु का पीछा छोड़े
सच्चे वह पूर्ण गुरु संत रामपाल जी महाराज की शरण में आकर परमात्मा से मिलने वाला लाभ प्राप्त करें संत रामपाल जी महाराज विश्व में एकमात्र तत्वदर्शी संत हैं जो शास्त्रों के अनुसार भक्ति की सही विधि बता रहे हैं यह भक्ति करने से हमारे पूर्वजों का भी उद्धार होगा l
 मनुष्य जीवन बहुत ही अनमोल जीवन है यह केवल परमात्मा प्राप्त करने के लिए ही मिलता है अगर हमने इस जीवन से परमात्मा की प्राप्त नहीं की तो यह मनुष्य जीवन व्यर्थ हो जाएगा l

#श्राद्ध_शास्त्रविरुद्ध_साधना
अधिक जानकारी के लिए "Sant Rampal Ji Maharaj" YouTube Channel Visit करें।

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Durga

God

#बुधपुर्णिमा #Mahatma Buddh